20 चिपसेट्स IIT छात्रों द्वारा डिज़ाइन किए गए, जिनमें से 8 "taped‑out" चिप फैब्रिकेशन के लिए भेजे जा चुके हैं।
यह प्रक्रिया चिप डिज़ाइन के उस चरण को दर्शाती है जहाँ physical manufacturing जनता तक पहुंचने से पहले final testing होती है।
सरकार की मदद से IIT और Semi‑Conductor Laboratory (SCL) Mohali का सहयोग इस विकास में अहम रहा है।
🎯 क्यों महत्वपूर्ण है यह काम?
ऑटोमेशन से लेकर defense applications तक कई क्षेत्र में India खुद के chips की दिशा में बढ़ रहा है।
यह कदम दिखाता है कि IIT और research institutions अब सिर्फ theory तक सीमित नहीं हैं — बल्कि real-world hardware design में भी भाग ले रहे हैं।
भारत की National Semiconductor Mission को boost मिलेगा, जिससे देश global fabs के लिए एक भरोसेमंद design hub बन सकता है।
📌 इस प्रगति का असर:
Semiconductor startups के liye ये roadmap तैयार करेगा — design se fabrication तक pipeline
शिक्षण संस्थानों में hardware engineering का future-proof skillset बढ़ेगा
सरकार और private sector दोनों मिलकर ये ecosystem मजबूत बना सकते हैं
✅ निष्कर्ष:
IIT छात्रों द्वारा चिप डिज़ाइन करना सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है — यह संकेत है कि भारत अब chip-design sovereignty की दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है, और global semiconductor map में उसकी भूमिका बनने वाली है।